Nav Greh Mantra & Slok for Peace Shanti
Nav Greh Mantra & Slok for Peace Shanti
Every person should have to read these mantra Everyday.
नवग्रह शांति मंत्र (Navagraha Shanti Mantra) |
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
Hindi Translation:
सभी सुखी होवें,
सभी रोगमुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।
ॐ शांति शांति शांति॥
English Translation:
May all sentient beings be at peace,
may no one suffer from illness,
May all see what is auspicious, may no one suffer.
Om peace, peace, peace.
सभी सुखी होवें,
सभी रोगमुक्त रहें,
सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।
ॐ शांति शांति शांति॥
English Translation:
May all sentient beings be at peace,
may no one suffer from illness,
May all see what is auspicious, may no one suffer.
Om peace, peace, peace.
“ॐ ब्रह्मामुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: शशि भूमिसुतो बुध च।
गुरु च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु।।”
गुरु च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु।।”
इस मंत्र में त्रिदेव यानि ब्रह्मा, विष्णु और महेश( Shiva) यानि शंकर भगवान से सभी सभी ग्रहों की शांति के लिए प्रार्थना की है, जिस प्रकार नवग्रह यंत्र की स्थापना और उसकी पूजा नवग्रह शांति के लिए की जाती है। इसी प्रकार नवग्रह मंत्र भी नवग्रह शांति के लिए जपा जाता है।
सूर्य का बीज मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
चंद्रमा का बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
मंगल का बीज मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
बुध का बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
बृहस्पति का बीज मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः
शुक्र का बीज मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
शनि का बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः
राहु का बीज मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
केतु का बीज मंत्र
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
मंत्र को जपने विधि
- मंत्र का जाप किसी भी दिन या ग्रेह के नक्षत्र में प्रारंभ करें।
- मंत्र जाप के लिए एक निश्चित संख्या, समय और स्थान को सुनिश्चित करें।
- मंत्र जाप के लिए आसन बिछाकर पूर्व की ओर मुख करके बैठें।
- हाथ में जल लेकर मंत्र पूर्ण करने का संकल्प करें।
- 108 गुरियों वाली माला के साथ मंत्र जाप करें।
- ध्यान रहे, मंत्र जाप की जो संख्या आपने चुनी है वह संख्या अगली बार घटे नहीं।
- मंत्र जाप के समय खाँसना, छींकना या जम्हाई लेना, बात करना अथवा ज्यादा हिलना ढुलना नहीं चाहिए।
- मंत्र का जाप करते समय मन्त्र के देवता का ध्यान करें।
- मंत्र जाप से पहले स्नान करके शुद्ध होकर और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
आशा है ज्योतिषीय दृष्टि से लिखा गया यह लेख आपके ज्ञानवर्धन में सहायक होगा। एस्ट्रोसेज वेबसाइट से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद!
These are very very Powerful mantras, so read it Carefully in the supervision of Guru. Jai Brahm Dev.
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